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हिमाचल निकाय चुनाव में बागियों से कांग्रेस-भाजपा की बढ़ी मुश्किलें

➤ बागियों के चलते कांग्रेस-भाजपा की बढ़ी चिंता, मनाने में जुटे बड़े नेता
➤ नामांकन वापसी के लिए आज दोपहर 3 बजे तक ही मौका
➤ बागी उम्मीदवार बिगाड़ सकते हैं दोनों दलों का चुनावी गणित


शिमला। हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनावों से पहले कांग्रेस और भाजपा के लिए बागी उम्मीदवार बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। टिकट नहीं मिलने से नाराज कई नेताओं ने निर्दलीय के रूप में मैदान में उतरकर दोनों दलों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

प्रदेश के चार नगर निगम—सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर में दोनों पार्टियां अपने-अपने बागियों को मनाने में जुटी हुई हैं। नामांकन वापसी के लिए आज (बुधवार) दोपहर 3 बजे तक का समय तय किया गया है, ऐसे में पार्टियों के पास बागियों को मनाने के लिए बेहद कम समय बचा है।

नामांकन वापसी की अंतिम समय सीमा के बाद सभी उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। पार्टी प्रत्याशियों को उनके दल का चिन्ह मिलेगा, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों को निर्वाचन आयोग द्वारा तय प्रतीक दिए जाएंगे।

प्रदेश में चार नगर निगम के साथ 47 नगर परिषद और नगर पंचायतों में भी चुनाव हो रहे हैं। कुल 449 पार्षद पदों के लिए 1394 नामांकन सही पाए गए हैं। जिला कांगड़ा में सबसे ज्यादा 268 उम्मीदवार, मंडी में 205 और शिमला में 167 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।

दोपहर 3 बजे के बाद तस्वीर साफ होगी कि कितने उम्मीदवार मैदान में रहेंगे और कितने अपना नामांकन वापस लेते हैं।

मतदान 17 मई को होगा, जिसमें सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक वोट डाले जाएंगे। नगर परिषद और नगर पंचायतों के नतीजे उसी दिन घोषित होंगे, जबकि चार नगर निगम के परिणाम 31 मई को जारी किए जाएंगे।

इस चुनाव में कुल 3,60,859 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 1,808 मतदाता ऐसे हैं जो पहली बार वोट डालेंगे।